अलवर जिले के खैरथल-तिजारा क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। हसनपुर माफी गांव में क्रेशर पर काम करने वाले मजदूर की 4 साल की बेटी 15 फीट गहरे गड्ढे में गिर गई, और ऊपर से मशीन से लगातार रोड़ी (गिट्टी) डाली जाती रही। दम घुटने से मासूम की मौत हो गई। यह हादसा 20 नवंबर को हुआ, जबकि वीडियो सोमवार को सामने आया, जिसने पूरे इलाके को हिला दिया। पुलिस के अनुसार, गांव में भारती स्टोन क्रेशर पर प्रयागराज निवासी अमित और उसकी पत्नी काम करते हैं। उनकी बड़ी बेटी परी (4) खेलते-खेलते क्रेशर के ढेर के पास गई और पैर फिसलने से 15 फीट गहरे गड्ढे में जा गिरी। आसपास के लोगों को इसका अंदाजा तक नहीं हुआ और मशीन चालू थी, जिससे ऊपर लगातार रोड़ी गिरती रही। जब काफी देर तक बच्ची घर नहीं लौटी, तो मां ने तलाश शुरू की। छोटी बहन ने इशारे से गड्ढे की ओर दिखाया। मजदूरों ने तुरंत श्रब्ठ से खुदाई कर बच्ची को बाहर निकाला, लेकिन तब तक वह दम तोड़ चुकी थी। विधायक महंत बाबा बालकनाथ ने दावा किया कि क्रेशर मालिकों की लापरवाही स्पष्ट है, उन्हें डर था, इसलिए परिजनों को यूपी भेजकर गायब कराया गया, उन्होंने कहा कि वह बच्ची को न्याय दिलाएंगे। दूसरी ओर, पुलिस इसे दुर्घटना बता रही है और कह रही है कि बच्ची का पैर फिसलने से यह हादसा हुआ। आपको बता दें कि एनसीआर में 11 नवंबर से ग्रेप-3 लागू है, जिसके तहत क्रेशर, खनन, निर्माण गतिविधियां पूरी तरह प्रतिबंधित हैं। इसके बावजूद तिजारा क्षेत्र में खुलेआम क्रेशर संचालन जारी है। मासूम की मौत ने प्रशासनिक ढिलाई पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।