दिन में पुलिस थाने में नौकरी और फिर रात में LIVE आकर एक और “ड्यूटी” निभाती थीं महिला दरोगा अनु रानी... मेरठ, उत्तर प्रदेश से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां सोशल मीडिया पर अपनी गतिविधियों को लेकर चर्चा में आईं महिला सब-इंस्पेक्टर अनु रानी पर पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। अनु रानी को निलंबित कर दिया गया है और पूरे मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। महिला दरोगा अनु रानी का नाम इससे पहले मेरठ के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में भी सामने आया था। यह वही मामला है, जिसमें सौरभ राजपूत की हत्या के आरोप में उसकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके कथित प्रेमी साहिल शुक्ला को गिरफ्तार किया गया था। इस सनसनीखेज हत्याकांड ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा था। आरोप था कि हत्या के बाद सौरभ के शव के टुकड़े कर उन्हें एक ड्रम में छिपाया गया था। इसी मामले में आरोपी मुस्कान की गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम से जुड़ी महिला दरोगा अनु रानी अब खुद विभागीय कार्रवाई के घेरे में आ गई हैं। जानकारी के मुताबिक, अनु रानी सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय थीं। आरोप है कि वह देर रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर LIVE आकर वीडियो और अन्य कंटेंट पोस्ट करती थीं। उनके कुछ वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा का विषय बने, जिसके बाद यह मामला पुलिस विभाग के अधिकारियों तक पहुंचा। विभागीय स्तर पर इन सोशल मीडिया गतिविधियों को गंभीरता से लिया गया। आरोप है कि महिला दरोगा द्वारा पोस्ट किया जा रहा कुछ कंटेंट पुलिस विभाग की गरिमा और सोशल मीडिया से संबंधित विभागीय गाइडलाइन के अनुरूप नहीं था। मामला सामने आने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने कार्रवाई करते हुए महिला सब-इंस्पेक्टर अनु रानी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। सिर्फ निलंबन ही नहीं, बल्कि अब पूरे मामले की विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। वायरल वीडियो और सोशल मीडिया अकाउंट से जुड़े कंटेंट की तकनीकी जांच कराई जा रही है। इसके लिए साइबर सेल की मदद ली जा रही है, जबकि अधिकारियों को भी मामले की विस्तृत जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जांच में यह देखा जाएगा कि अनु रानी ने सोशल मीडिया के इस्तेमाल के दौरान विभागीय नियमों का कितना और किस स्तर तक उल्लंघन किया। साथ ही उनके वायरल वीडियो और LIVE कंटेंट की भी जांच की जाएगी। पुलिस विभाग का मानना है कि वर्दी में रहते हुए सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते समय कर्मचारियों को विभागीय अनुशासन और निर्धारित नियमों का पालन करना जरूरी है। किसी भी पुलिसकर्मी की सार्वजनिक गतिविधि का सीधा असर विभाग की छवि पर पड़ सकता है। अब जांच रिपोर्ट आने के बाद अनु रानी के मामले में आगे की विभागीय कार्रवाई तय की जाएगी। एक तरफ मुस्कान जैसे चर्चित आरोपी को गिरफ्तार करने वाली महिला दरोगा अनु रानी अपनी पुलिस कार्रवाई को लेकर सुर्खियों में थीं, वहीं अब सोशल मीडिया पर उनकी सक्रियता उनके लिए बड़ी मुश्किल बन गई है। फिलहाल मेरठ पुलिस की इस कार्रवाई के बाद सोशल मीडिया पर भी चर्चा तेज है कि जिस महिला दरोगा ने देश के चर्चित हत्याकांड की आरोपी मुस्कान को गिरफ्तार किया था, वही अब सोशल मीडिया कंटेंट को लेकर खुद विभागीय कार्रवाई का सामना कर रही हैं। मेरठ से यह मामला अब सिर्फ एक महिला दरोगा के निलंबन तक सीमित नहीं है, बल्कि पुलिसकर्मियों के सोशल मीडिया इस्तेमाल और विभागीय अनुशासन को लेकर भी बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।