"ज़रा सोचिए... आपकी रसोई में रखा पीला मसाला... जो हर दिन आपके खाने का स्वाद और रंग बढ़ाता है... अगर वही आपकी सेहत का सबसे बड़ा दुश्मन बन जाए तो? क्या आपकी थाली में परोसी जा रही हल्दी असली है... या फिर रंगे हुए चावल से तैयार कोई संदिग्ध पाउडर? कानपुर से सामने आई एक कार्रवाई ने हर रसोई को सोचने पर मजबूर कर दिया है..." उत्तर प्रदेश के कानपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने एक मसाला निर्माण इकाई पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान टीम को रंगे हुए चावल के दाने, संदिग्ध हल्दी पाउडर और अन्य मसाले मिले। अधिकारियों ने मौके से कई नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं और बरामद सामग्री को सीज कर दिया है। इस बीच सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि नकली हल्दी चावल के दानों से बनाई जा रही थी। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगा कि बरामद सामग्री वास्तव में क्या थी और उसमें किसी तरह की मिलावट थी या नहीं। तो सवाल यह है... क्या आपके घर की रसोई में रखा मसाला पूरी तरह सुरक्षित है? क्या आप भी बिना जांचे-परखे ऐसे उत्पाद इस्तेमाल कर रहे हैं? विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि हमेशा FSSAI लाइसेंस वाले, भरोसेमंद ब्रांड के मसाले ही खरीदें और संदिग्ध या बहुत सस्ते उत्पादों से बचें। सतर्क रहें... सुरक्षित रहें... क्योंकि आपकी थाली में क्या परोसा जा रहा है, इसका असर सीधे आपकी सेहत पर पड़ता है।